“मैं अपना इलाज बिना रुके पूरा कर पाई। इस सपोर्ट से सबसे मुश्किल महीने सहने लायक बने।”
ट्यूमर से आगे देखने वाला आयुर्वेदिक कैंसर इलाज।
कैंसर का असर आपकी ताक़त, भूख, पाचन, ब्लड काउंट और अंगों की सेहत पर होता है। हमारा आयुर्वेदिक इलाज इन सब पर काम करता है, 35 वर्षों की क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ, आपके ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ।
असली आंकड़े। खोखले वादे नहीं।
क्लिनिक का डेटा। परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
कैंसर सिर्फ़ एक ट्यूमर नहीं है। इसका असर पूरे शरीर पर होता है।
कीमो, रेडिएशन और सर्जरी ट्यूमर पर केंद्रित होते हैं। ताक़त, भूख, पाचन, ब्लड काउंट और अंगों की सेहत का अक्सर इलाज नहीं होता। हमारा इलाज इन सब पर काम करता है।
ताक़त और ऊर्जा
आराम करने पर भी न जाने वाली थकान शरीर की ज़रूरी ताक़त घटा देती है।
भूख और वज़न
खाना पेट में न टिके तो वज़न और ताक़त घटती जाती है।
ब्लड काउंट
काउंट गिरना साइकिल टलने की सबसे आम वजहों में से एक है।
लिवर और किडनी
कीमो का बोझ लिवर और किडनी पर पड़ता है; उनके आंकड़ों पर नज़र रखनी ज़रूरी है।
पाचन और मुँह
छाले, एसिडिटी और कब्ज़ से खाना और सोना मुश्किल हो जाता है।
नींद और मन
डर और नींद न आना शरीर की लड़ने की क्षमता को घटा देते हैं।

पूरे शरीर के लिए आयुर्वेदिक इलाज।
आपकी बीमारी और इलाज के दौर के अनुसार योजना, और शरीर के जवाब के हिसाब से बदलाव। कीमो, रेडिएशन या सर्जरी के साथ, उनकी जगह कभी नहीं।
35 वर्षों की क्लिनिकल विशेषज्ञता
आपकी बीमारी और इलाज के दौर के अनुसार हमारे वैद्य दवाइयाँ चुनते हैं और उन्हें आपकी कीमोथेरेपी के शेड्यूल से मिलाकर देखते हैं।
आपकी रिपोर्ट पर परखा गया
हर विज़िट पर ब्लड काउंट, लिवर और किडनी के आंकड़े और वज़न देखे जाते हैं, और उनके अनुसार प्लान बदला जाता है।
हर विज़िट पर हम क्या जांचते हैं
- ब्लड काउंट (CBC)
- हीमोग्लोबिन
- प्लेटलेट्स
- लिवर फ़ंक्शन
- किडनी फ़ंक्शन
- वज़न
- भूख
- ऊर्जा
- नींद
असली मरीज़। असली रिपोर्ट।
कठिन इलाज के बीच वे हमारे पास आए। देखिए, उसके बाद क्या बदला।
“दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज कोई नहीं कर रहा था। पूरी तस्वीर देखने वाला डॉ. जोशी’ज ही अकेला क्लिनिक था।”
जितनी जल्दी शुरुआत, शरीर उतनी ताक़त से इलाज का सामना करता है।
ज़्यादातर मरीज़ कीमो या रेडिएशन के बीच में हमारे पास आते हैं। निदान के समय से शुरुआत करने पर पहले दिन से पूरे शरीर का इलाज हो पाता है।
शुरुआत का सबसे अच्छा समय
लक्ष्य: पहली साइकिल से पहले ताक़त, भूख और ब्लड काउंट बढ़ाना।
हर साइकिल में शरीर का इलाज
लक्ष्य: काउंट, पाचन और अंगों के आंकड़े ठीक रखना, ताकि साइकिल समय पर हों। आपका कैंसर का इलाज बिल्कुल वैसे ही चलता रहता है जैसा तय है।
पूरे शरीर को फिर से मज़बूत करें
लक्ष्य: ऊर्जा, वज़न और भूख वापस पाना, रिपोर्ट की नियमित जांच के साथ।
दुकान की जड़ी-बूटियाँ आपकी कीमोथेरेपी से टकरा सकती हैं।
ख़ुद से दवा लेना
- बीमारी के हिसाब से नहीं, रिश्तेदारों के सुझाए नुस्ख़े
- आपकी कीमो के शेड्यूल से कोई नहीं मिलाता
- काउंट और अंगों के आंकड़े कोई नहीं देखता
- साइकिल ख़त्म, सब ख़त्म
डॉ. जोशी’ज का आयुर्वेदिक इलाज
- आपकी बीमारी और इलाज के दौर के अनुसार दवाइयाँ
- आपकी साइकिलों के हिसाब से, ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ साझा
- हर विज़िट पर काउंट, अंगों के कार्य और वज़न की जांच
- आपका कैंसर का इलाज बिल्कुल वैसे ही चलता रहता है जैसा तय है
आपके इलाज के प्लान के लिए तीन कदम।
- 1
30 सेकंड की जांच करें
चार टैप और आपका मोबाइल नंबर। बस इतना ही।
- 2
हम आपको कॉल करते हैं
हमारी कैंसर केयर टीम क्लिनिक के समय, सोम–शनि, सुबह 9 से रात 8 बजे, कॉल करके आपका कंसल्टेशन बुक करती है।
- 3
अपनी रिपोर्ट लेकर आएँ
अपना निदान, इलाज का प्लान और लेटेस्ट ब्लड रिपोर्ट लेकर आएँ। हम उन्हें आपके साथ देखते हैं और आपका इलाज का प्लान बनाते हैं।
कैंसर का इलाज चल रहा है? आज ही हमारी कैंसर केयर टीम से बात करें।
अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजें। हम बताएँगे कि हमारा इलाज कैसे मदद कर सकता है और आगे क्या करना है।
परिवार हमसे सबसे पहले क्या पूछते हैं।
आपका इलाज कीमो और रेडिएशन से कैसे अलग है?
कीमोथेरेपी और रेडिएशन ट्यूमर पर केंद्रित होते हैं। हमारा आयुर्वेदिक इलाज पूरे शरीर पर काम करता है: ताक़त, भूख, पाचन, ब्लड काउंट और अंगों की सेहत। दोनों साथ चलते हैं; हम किसी भी मरीज़ से कैंसर का इलाज रोकने, टालने या बदलने को नहीं कहते।
क्या कीमोथेरेपी के दौरान आयुर्वेदिक दवा सुरक्षित है?
सिर्फ़ तब, जब डॉक्टर आपके इलाज के हिसाब से उसे चुनें और सही समय पर दें। कीमो के दौरान अपने आप कोई जड़ी-बूटी न लें, और जो कुछ आप पहले से ले रहे हैं वह सब हमें बताएँ ताकि हम उसे जांच सकें।
आपका इलाज किन चीज़ों पर काम करता है?
कैंसर के इलाज के दौरान और बाद में पूरे शरीर पर: ताक़त, भूख, पाचन, नींद, ब्लड काउंट और लिवर व किडनी की सेहत। हमारे इलाज से 82% मरीज़ों के साइड इफ़ेक्ट्स का बोझ कम हुआ।
कब शुरू करना चाहिए?
हो सके तो निदान के समय या पहली साइकिल से पहले, ताकि शुरू से ही पूरे शरीर का इलाज हो। मरीज़ इलाज के बीच में या इलाज ख़त्म होने के बाद भी आते हैं।
क्या मौजूदा दवाइयाँ जारी रखी जा सकती हैं?
हाँ। डॉक्टर की दी हुई दवाइयाँ अपने आप कभी बंद न करें। कोई भी बदलाव धीरे-धीरे और सिर्फ़ आपके डॉक्टर के साथ किया जाता है।
फ़र्क़ कब दिखने लगेगा?
ज़्यादातर मरीज़ों में 6–12 हफ़्तों में मापने लायक सुधार दिखता है, और हर बदलाव आपकी रिपोर्ट पर परखा जाता है।
कंसल्टेशन की फीस कितनी है?
₹500, क्लिनिक में या ऑनलाइन। दवाइयों की कीमत अलग होती है और इलाज शुरू करने से पहले साफ़ बताई जाती है।
क्या दूसरे शहर से कंसल्टेशन लिया जा सकता है?
हाँ। पूरे भारत में ऑनलाइन कंसल्टेशन होता है, और दादर, बोरीवली, ठाणे, पुणे और नासिक में क्लिनिक हैं।
आज ही पूरे शरीर का इलाज शुरू करें।
चार छोटे सवालों के जवाब दें। हमारी कैंसर केयर टीम आपको कॉल करके कंसल्टेशन बुक करेगी।
- हमारे वैद्य आपकी रिपोर्ट पढ़ते हैं
- आपकी साइकिलों के हिसाब से इलाज की योजना
- क्लिनिक में या पूरे भारत में ऑनलाइन
